March 14 , 2022
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देश के 8 लाख+ ट्रक ड्राइवर्स की मदद के लिए वाहक और मेडीबडी आए साथ

Punit Chotia
Punit Chotia
देश के 8 लाख+ ट्रक ड्राइवर्स की मदद के लिए वाहक और मेडीबडी आए साथ
देश के 8 लाख+ ट्रक ड्राइवर्स की मदद के लिए वाहक और मेडीबडी आए साथ
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साल 2025 तक भारत का रोड लॉजिस्टिक्स मार्केट करीब 24 लाख 75 हज़ार करोड़ रुपये का हो जाएगा। वहीं, आने वाले सालों में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट भी 14%से घटकर 10% तक हो जाएगी। इस लिहाज़ से देखें, तो इस सेक्टर और अर्थव्यवस्था दोनों को ही फायदा पहुँचेगा।

भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में होने वाले ये तमाम बदलाव वाकई सराहनीय हैं, लेकिन अब भी कुछ चिंताएँ हैं, जिन्हें दूर करना ज़रूरी है। ये सेक्टर आज भी असंगठित है, जहाँ कोई स्टैंडर्ड रेगुलेशन्स नहीं हैं। ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स की आय में भी ज़्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है। यहाँ तक कि उनके काम करने की स्थिति में भी कोई बड़े परिवर्तन नहीं हुए हैं। उनके सामने रोज़मर्रा की ढेरों चुनौतियाँ हैं और उन चुनौतियों में जो सबसे बड़ी चुनौती है, वो है उनका ‘स्वास्थ्य’, जिसके लिए आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

ट्रक ड्राइवर्स के स्वास्थ्य को है बड़ा खतरा

हमारे ट्रक ड्राइवर्स को जिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, उसकी वजह से उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी खतरों से गुज़रना पड़ता है। वर्ष 2020 में सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट बताती है कि ट्रक ड्राइवर्स में गर्दन, कंधों और पीठ दर्द जैसी आम तकलीफों के अलावा डायबिटीज़, मोटापे, गैस्ट्रिक और पाइल्स जैसी कुछ गंभीर समस्याएँ आम हैं। आंकड़े भी कुछ यही गवाही देते हैं। आइए आंकड़ों पर एक नज़र डालें -

· कमर दर्द – 77 %

· गर्दन, जोड़ों और मासपेशियों का दर्द- 57 %

· पेट संबंधी समस्या- 40 %

· सिरदर्द और चक्कर – 35 %

· स्ट्रेस और हाइपरटेंशन – 23 %

· आँखों की समस्या – 28 %

· डायबिटीज़ – 3 %

स्वास्थ्य सुविधाएँ हैं सबसे बड़ी ज़रूरत

अगर आज की तारीख में ट्रक ड्राइवर्स को कुछ चाहिए, तो वो हैं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ। चूँकि वो लगातार ट्रैवल करते हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेना उनके लिए बहुत ही परेशानी भरा होता है। लंबे समय तक ड्राइव करना, अपने परिवार से दूर रहना और अपने जीवन का आधे से ज़्यादा वक्त सड़कों पर बिताना उनके लिए बहुत ही पीड़ादायक होता है। ये चीज़ें उन्हें ना सिर्फ शारीरिक तौर पर कमज़ोर बनाती हैं, बल्कि उनके लिए कई तरह की मानसिक परेशानियों का कारण भी बनती हैं।

इसके अलावा सड़कों पर उन्हें जिन विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, उससे बची-कुची हिम्मत भी टूट जाती है। इसलिए ज़रूरी है कि हमारे ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स को समय-समय पर डॉक्टरी जाँच, परामर्श और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलता रहे जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सके।

कैसे बदलेगी ये तस्वीर?

ये तस्वीर तब बदलेगी जब ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स के स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को समझा जाएगा। उनके लिए ऐसा समाधान लाने की की कोशिश की जाएगी, जहाँ वे सफर के दौरान भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकें। तो आखिर, कैसे होगा ये सब?

वाहक और मेडीबडी की पहल करेगी मदद

बड़े कदम उठाने के लिए हमेशा बड़े नाम की ज़रूरत नहीं होती है। ज़रूरत होती है, तो बस उस इच्छा शक्ति की जिसकी बदौलत लोगों के जीवन में बदलाव लाया जा सके। और ये काम वाहक बखूबी जानता है। ये पहली बार नहीं है, जब वाहक ने कोई बड़ा कदम उठाया हो। इसके पहले भी वाहक ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्रांतिकारी बदलावों के लिए प्रयास किए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब देश के लाखों ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स को ट्रक और लोड की बुकिंग नहीं मिल रही थी, तो वाहक ने ही उन्हें अपने ऐप के ज़रिए ऑनलाइन लोड और ट्रक बुक करने की सुविधा प्रदान की थी।

आज वाहक एक बार फिर उन लाखों ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स की मदद के लिए आगे आया है। वाहक ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रही अग्रणी कंपनी ‘मेडीबडी’ के साथ एक करार किया है जिसकी मदद से ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स को फ्री में डॉक्टरी परामर्श प्रदान किया जाएगा। ट्रक ड्राइवर्स के अलावा उनके परिवार के सदस्य भी इसका लाभ ले सकेंगे।

ट्रक ड्राइवर्स को क्या करना होगा?

ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स को इसके लिए ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत नहीं है। अगर उनके स्मार्टफोन पर वाहक ऐप है, तो वो My Loads/My Lorries पेज पर जाकर इस पहल से जुड़ा बैनर देख सकते हैं। जैसे ही वो इस पर क्लिक करेंगे उन्हें इस पहल से जुड़ी सारी जानकारियाँ मिल जाएँगी। अगर यूज़र आधार या GST वेरिफाइड होंगे, तो उन्हें पेज पर Book Now का एक बटन मिल जाएगा, जिस पर क्लिक करके वो इस पहल के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। अगर उनका आधार और GST वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ होगा, तो उन्हें "Complete KYC verification” का विकल्प मिलेगा, जिस पर क्लिक करके वो अपनी KYC पूरी कर सकेंगे। अब जैसे ही यूज़र Book Now पर क्लिक करेंगे, तो उनके सामने जानकारियों से जुड़ा एक पेज खुल जाएगा। यहाँ उन्हें अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी कुछ सामान्य जानकारियाँ देनी होंगी और Next  बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह उनका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा और वे वाहक और मेडीबडी की इस पहल का लाभ ले सकेंगे।

इस पहल से मिलने वाले फायदे

· 100% फ्री ऑनलाइन कंसल्टेशन लिया जा सकेगा।

· 2 मिनट में अपॉइन्टमेंट बुक हो जाएगा।

· 30 मिनट के अंदर डॉक्टर कॉल बैक करेंगे।

· सवास्थ्य समस्या को ध्यान में रखकर डॉक्टर परामर्श देंगे।

· SMS के ज़रिए तुरंत पर्ची भी भेज दी जाएगी।

मतलब ये कि ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर्स को उनकी बीमारी के लिए ऑन द स्पॉट डॉक्टरी मदद मिल पाएगी। इस तरह वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहेंगे, अपना खयाल रख सकेंगे और एक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। जब वो स्वस्थ रहेंगे, तो ज़ाहिर सी बात है कि वो बेहतर तरीके से काम कर पाएँगे जिसका फायदा ना सिर्फ उन्हें, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी मिल सकेगा। आखिरकार ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की असली नींव अगर कोई है, तो वो हमारे ट्रक ड्राइवर्स और ट्रांसपोर्टर भाई ही हैं।

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